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आखिर क्यों मौत के बाद मुन्ना बजरंगी को मारी गई दो गोलियां, सात दिन बाद भी नहीं मिला जवाब

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बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के सात दिन बाद भी पुलिस खाली है। पुलिस की तफ्तीश मुख्य अभियुक्त सुनील राठी के कुबूलनामे से आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि पुलिस अब तक जेल में 50 से अधिक बंदियों व कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। पर, यह पता नहीं लगा सकी कि राठी के पास हथियार कहां से आया। जेल से फोटो बाहर कैसे पहुंची। मुन्ना की जान निकल जाने के बाद उसे और दो गोली क्यों मारी गई।

बता दें,  इस घटना में पुलिस ने सुनील राठी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की कोई कोशिश नहीं की। इस पर अधिकारियों के अपने-अपने तर्क हैं। डीजीपी मुख्यालय में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राठी से जेल के अंदर पूछताछ हो चुकी है, आला कत्ल बरामद कर लिया गया और उसने हत्या का जुर्म भी कुबूल लिया। इसके बाद भी विवेचक को कुछ पूछना है तो वह जेल में राठी से पूछताछ कर सकता है। इसके लिए रिमांड की कोई आवश्यकता नहीं है। (तस्वीर में मुन्ना बजरंगी व आरोपी सुनील राठी।)

माफियाओं की सूची बनाकर किया जा रहा है विश्लेषण

पुलिस को जानकारी मिली है कि नौ जुलाई को मुन्ना की हत्या के दौरान कुछ और लोग भी वहां मौजूद थे। उनकी तलाश की जा रही है। वहीं, मुन्ना की हत्या किस साजिश के तहत की गई, इसके बारे में पुलिस सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी के तमाम कनेक्शन खंगाल रही है। इसके तहत पूरब से पश्चिम तक के माफियाओं की सूची बनाकर उसका विश्लेषण किया जा रहा है कि कौन पहले किसके साथ था और अब किसके साथ है। यही नहीं, साथ छोड़ने की वजह का भी पता किया जा रहा है। इसमें एक नाम सामने आ रहा है, जो काफी समय तक मुन्ना के लिए काम करता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच खटास पैदा होने पर वह अलग हो गया था।

पुष्पजीत व तारिक हत्याकांड की तरह राज ही न खुले

पुलिस की जांच रफ्तार को देखते हुए आशंका व्यक्त की जा रही है कि पुष्पजीत व तारिक हत्याकांड की तरह ही मुन्ना बजरंगी की हत्या के कारणों का राजफाश ही न हो। बता दें, पुष्पजीत मुन्ना बजरंगी का साला और तारिक उसका साथी था। 05 मार्च 2016 में पुष्पजीत की और 01 दिसंबर 2017 को तारिक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।

17 संदिग्ध पुलिस की हिरासत में

मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में पुलिस की जांच ने तेजी पकड़ ली है। बागपत पुलिस की ही पांच टीमें संदिग्धों से पूछताछ और जांच में जुटी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो 17 संदिग्ध लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। एसटीएफ ने उत्तराखंड से एक युवक को हिरासत में लिया है। सर्विलांस के सहारे पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इनकी जांच की जा रही है। यूपी पुलिस के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली पुलिस भी मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच में मदद कर रही है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।

राठी के जेल में आने से 20 मिनट पहले नए जेलर ने लिया चार्ज

बागपत जेल से मुन्ना बजरंगी के हत्यारोपी सुनील राठी के सेंट्रल जेल फतेहगढ़ आने के 20 मिनट पहले शनिवार को नए जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने कार्यभार संभाला। उन्होंने राठी के जेल में आते ही उसके कपड़े उतरवाए और जेल के कपड़े दिए। सुरक्षा के लिए गेट पर थानों की पुलिस और नगर मजिस्ट्रेट सुरक्षा में तैनात रहे। प्रभारी अधीक्षक ने रविवार को सेंट्रल जेल की सुरक्षा का जायजा लिया। जेल में आने के बाद सुनील राठी को 27314 नंबर दिया गया। सुनील राठी को इस नंबर से जेल प्रशासन बुलाएगा।

 

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